बड़ीबैठेन और छोटीबैठेन दो गाँव हैं जो एक-दूसरे के पास स्थित हैं। बड़ीबैठेन में बलभद्र कुंड, श्री दाऊजी का मंदिर, जयविजय कुंड, सनत कुमार कुंड, वेदोखर तथा वेदविहारजी के दर्शन होते हैं। वहीं छोटीबैठेन में गोपाल कुंड और गेंडोखर स्थित हैं।
एक बार श्री ठाकोरजी और बलदेवजी यहाँ अपने सखाओं के साथ खेल रहे थे। तब श्री दाऊजी और श्री ठाकोरजी ने सखाओं को दो समूहों में बाँट दिया और अलग-अलग टीम बनाकर खेला। चूँकि श्री दाऊजी बड़े थे, जहाँ वे बैठे उसे बड़ीबैठेन कहा गया और जहाँ श्री ठाकोरजी बैठे उसे छोटीबैठेन कहा गया।
यहाँ कृष्ण कुंड और बलभद्र कुंड भी हैं। यहाँ श्री साक्षीगोपाल के दर्शन होते हैं। श्री दाऊजी और श्री ठाकोरजी की बैठकें भी यहाँ स्थित हैं। यहाँ से थोड़ी दूरी पर चरण पहाड़ी पर श्री ठाकोरजी, श्री दाऊजी और श्री राधाजी के चरणचिह्न (पदचिह्न) हैं।